अनुपम खेर बने एफटीआईआई अध्यक्ष

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जानेमाने अभिनेता अनुपम खेर को आज पुणे स्थित भारतीय फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान (एफटीआईआई) का अध्यक्ष नियुक्त किया गया । एफटीआईआई के अध्यक्ष पद पर 62 साल के खेर अभिनेता गजेंद्र चौहान की जगह लेंगे । मार्च में खत्म हुआ चौहान का कार्यकाल काफी विवादों में रहा था ।

खेर ने कहा कि ‘‘प्रतिष्ठित एफटीआईआई’’ का अध्यक्ष नियुक्त किए जाने पर वह ‘‘काफी सम्मानित’’ महसूस कर रहे हैं ।

उन्होंने कहा, ‘‘मैं अपनी सर्वश्रेष्ठ क्षमता से अपने कर्तव्य का पालन करूंगा ।’’ दिल्ली के राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (एनएसडी) से स्नातक खेर 500 से ज्यादा फिल्मों और कई नाटकों में काम कर चुके हैं । सिनेमा और कला के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें 2004 में पद्मश्री और 2016 में पद्म भूषण से नवाजा गया था ।

टीवी धारावाहिक महाभारत में युधिष्ठिर की भूमिका निभाने के कारण चर्चित रहे चौहान ने करीब दो साल तक एफटीआईआई के अध्यक्ष का पदभार संभाला । इस साल मार्च में चौहान का कार्यकाल पूरा हुआ था । उनके कार्यकाल के दौरान संस्थान के छात्रों ने 139 दिन की हड़ताल की थी । छात्रों की दलील थी कि चौहान की नियुक्ति राजनीति से प्रेरित थी ।

खेर की पत्नी किरण खेर चंडीगढ़ से भाजपा सांसद हैं । किरण अपने पति को बधाई देने वाले शुरूआती लोगों में थीं ।

उन्होंने ट्विटर पर कहा, ‘‘एफटीआईआई का अध्यक्ष बनने के लिए मेरे प्रिय अनुपम खेर को बधाई । जानती हूं कि आप अच्छा काम करेंगे ।’’ सात मार्च 1955 को शिमला में पैदा हुए खेर ने शहर के डीएवी स्कूल से अपनी शिक्षा पूरी की । वह केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सेंसर बोर्ड) के अध्यक्ष और एनएसडी के निदेशक भी रह चुके हैं ।

हिंदी फिल्मोद्योग के सबसे उम्दा अभिनेताओं में एक माने जाने वाले खेर ने 1982 में ‘आगमन’ फिल्म से अपने अभिनय करियर की शुरूआत की थी, लेकिन 1984 में महेश भट्ट निर्देशित फिल्म ‘सारांश’ से खेर का सितारा चमका ।

‘सारांश’ फिल्म की रिलीज के वक्त खेर महज 28 साल के थे, लेकिन इस फिल्म में उन्होंने मध्य वर्ग के एक ऐसे सेवानिवृत व्यक्ति की भूमिका निभाई जो अपने बेटे की मौत का कष्ट झेल रहा है ।

‘सारांश’ के बाद खेर ने अनिल कपूर, शाहरुख खान, सलमान खान और अक्षय कुमार जैसे बड़े बॉलीवुड सितारों के साथ काम किया। उनके साथ की गई फिल्मों में खेर कभी ‘विलेन’ की भूमिका में नजर आए तो कभी हास्य भूमिका निभाई ।

साल 2002 में खेर ने ‘ओम जय जगदीश’ फिल्म से निर्देशन के क्षेत्र में कदम रखने की कोशिश की लेकिन इस फिल्म को कामयाबी नहीं मिली ।

खेर उन चुनिंदा भारतीय अभिनेताओं में से हैं जिन्हें अंतरराष्ट्रीय फिल्मों में भी काम करने का मौका मिला । उन्होंने ‘बेंड इट लाइक बेकहम’, ‘लस्ट, कॉशन’ और ऑस्कर से नवाजी गई ‘सिल्वर लाइनिंग्स प्लेबुक’ जैसी फिल्मों में काम किया है ।

खेर ने अपनी जिंदगी पर आधारित ‘कुछ भी हो सकता है’ नाम का एक नाटक भी लिखा और उसमें अभिनय भी किया ।

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